राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री ने लोकसभा में जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस का नाम लिए बिना तीखा हमला किया। विपक्ष के लागातर हंगामे और शोर शराबे के बीच प्रधानमंत्री ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के बंटवारे के जहर की कीमत आज भी देश चुका रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में मंगलवार को चर्चा की शुरूआत हुई थी। पीएम आज शाम को उच्च सदन यानी राज्यसभा में अपनी बात रखेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में राज्यों की रचना आदरणीय अटल जी ने भी की थी। तीन राज्यों का निर्माण किया था। उत्तर प्रदेश में से उत्तराखंड बना हो। चाहे बिहार से झारखंड बना हो या मध्यप्रदेश से छत्तीगढ़ का अलग होना हो। उस वक्त जिस तरह से निर्णय हुए वो ऐतिहासिक थे।” जब आपने (कांग्रेस) देश का विभाजन किया, उस जगह की कीमत आज भी देश चुका रहा है। आज एक दिन भी ऐसा नहीं जाता है जब आप के पाप की सजा देश को ना मिलती हो। आपने देश के टुकड़े किए।”
उन्होंने कहा कि इस देश में 90 से अधिक बार धारा 356 का उपयोग करते हुए, राज्य सरकारों को, राज्य के दलों को आपने उखाड़ कर फ़ेंक दिया। आप किस लोकतंत्र कि बात करते हो। उन्होंने कहा कि अगर देश के पहले प्रधानमंत्री सरदार पटेल होते, तो मेरे कश्मीर का ये हिस्सा पाकिस्तान के पास नहीं होता।
”हम जो काम हाथ में लेते हैं उसे पूरा करने की कोशिश करते हैं। जनता की आंखों में धूल झोंकना हमारा काम नहीं। हमने पिछली सरकारों के अटके कामों को ठीक करके पूरा करने की कोशिश की। सरकारें आती जाती रहती हैं देश बना रहता है।”
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के तीन साल के काम काज का ब्योरा देते हुए कहा, ”हमने तीन साल में 2100 किलोमीटर रेल लाइन का मिर्माण किया। तीन साल में 4300 किलोमीटर से ज्यादा बिजली के तार बिछाए। हमारी सरकार में एक लाख बीस हजार किलोमीटर सड़के बनीं। एक लाख से अधिक पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाया। कांग्रेस अगर जमीन से जुड़ी होती तो शायद ये हालत ना होती।”
उन्होंने कहा, ”कर्नाटक और रेल का नाम आते ही खड़गे जी खुश हो जाते हैं। आपने बीदर रेल लाइन का जिक्र किया था। लेकिन देश को एक बात पता होनी चाहिए। कांग्रेस वाले ये बात नहीं बताएंगे। बीदर रेल लाइन का प्रोजेक्ट अटल जी की सरकार में पास हुआ था। 2013 तक रेल लाइन पूरी नहीं हो पाई। हमने देश का काम मानकर बीदर रेल लाइन का काम पूरा किया। कांग्रेस के दर्द की दवा पहले ही जनता कर चुकी है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, ”देश में बेरोजगारी का आंकड़ा दिया जाता है। देश में रोजगार का भी आंकड़ा देना चाहिए। गैर बीजेपी राज्यों में एक करोड़ लोगों को रोजगार मिला। हम असंगठित क्षेत्र को संगठित क्षेत्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं इसमें बीजेपी और एनडीए के राज्यों का जिक्र नहीं कर रहा हूं। एक साल में 70 लाख नए ईपीएफ में नाम जुड़े हैं, इनमें 18 से 25 साल के युवक युवतियां ज्यादा हैं।”
