भोपाल । राजस्व अधिवक्ता कल्याण परिषद मप्र के अध्यक्ष सैयद ख़ालिद कैस एडवोकेट ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर लोकसेवा गारंटी में सेवाओ को जोड़कर भारी भृष्टाचार को जहाँ एक और बढ़ावा दिया वही अनावश्यक रूप से कुछ सेवाओं को लोकसेवा में सम्मिलित कर आमजन किसानों , अधिवक्ताओं और पक्षकारों को परेशान किया है ।
श्री कैस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि खसरा नक़ल की फ़ीस कई गुणा महंगी की गई वहीं लोकसेवा केंद्र से प्रतिलिपि शाखा और रिकार्ड रूम से मिलने वाली नक़ल को जोड़ देने से नक़ल शुल्क 4 गुणा बढ़ गया वही 15-20 दिन की समयावधि निर्धारित होने के बावजूद नक़ल नही मिलने से आमजन , पक्षकारों विशेषकर अधिवक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है ।
परिषद ने यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत से इस और ध्यानाकर्षण की मांग की ।
मोहम्मद याक़ूब खान की रिपोर्ट

