भोपाल । शिवराज सिंह चौहान सरकार की महत्वकांक्षी योजना लोकसेवाओ की गारंटी अधिनियम 2010 प्रशासनिक अनियमतता के कारण मूल उददेश्य से भटक कर लूट का केंद्र बन गई है । और इस कार्य को कलेक्टर ऑफिस से लगा लोकसेवा केंद्र बखूबी अंजाम दे रहा है । शासन की नीति अनुसार सेवा के स्थान पर धन ऐंठने के कारोबार का दूसरा नाम होगया है लोकसेवा केंद्र कलेक्टर कार्यालय ।
गौरतलब हो कि राज्य शासन की एक आदेश के बाद कलेक्टर ऑफिस स्थित नक़ल शाखा और रिकार्ड रूम की नक़ल सेवा को लोक सेवा केंद्र से जोड़ने के बाद आमजन सहित अधिवक्ताओ , पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा । जिसकी जीती जागती मिसाल बनी आज विकलांग शालू कपिल । शालू कपिल ने कलेक्टर ऑफिस में चल रहे एक प्रकरण की नक़ल के लिए आवेदन 02जनवरी को दिया , किसकी राशि प्राप्त कर 22जनवरी की तिथी निर्धारित की थी , परंतु आज दिनाँक को नक़ल नही मिली। और ना ही कोई आश्वासन मिला । यह है लोकसेवा केंद्र की धांधली । और अंततः कोलार से आई विकलांग शालू कपिल अपने दादा के साथ निराश होकर लौट गई । यहाँ बताने वाली बात यह है कि शालू कपिल और उसका दादा कलेक्टर ऑफिस से कोलार तक पैदल जाएंगे , उनके पास किराए की रकम तक नही थी ।
भोपाल से सैयद ख़ालिद कैस की रिपोर्ट
