छतरपुर –बक्स्वाहा के अधिमान्य पत्रकार बलभद्र राय के खिलाफ जिस तरह से पुलिस ने विगत रोज बर्बर कार्यवाही की है उसकी घोर निंदा की जा रही है। जिला स्तर पर पत्रकारों ने इस बर्बर कार्यवाही की निंदा करते हुए डीआईजी अनिल माहेश्वरी से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। डीआईजी ने एडीशनल एसपी से मामले की जांच का भरोसा देते हुए ज्ञापन में दिए गए बिन्दुओं के आधार पर जांच की बात कही है।
क्या है मामला
बक्स्वाहा के अधिमान्य पत्रकार बलभद्र राय के खिलाफ पुलिस ने सत्ताधारी दल के चंद लोगों के इशारे पर बर्बर कार्यवाही की है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि चूंकि बलभद्र राय ने नगर परिषद अध्यक्ष के लिए कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ा था। इसी तरह बलभद्र के मित्र राजेश तिवारी ने भी पार्षद पद हेतु अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा था। अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दोनों नगर में एक ढाबा चलाते हैं। 27 मार्च को पुलिस ने करीब एक बजे किसी आदमी को भेजकर होटल में शराब की पेटियां रखवाईं और आनन-फानन में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके अलावा फर्जी तरीके से ढाबा से ही कट्टा जब्त कर लिया। अधिमान्य पत्रकार होने के बावजूद बलभद्र राय के साथ तीन घंटे तक मारपीट की गई और फिर हथकड़ी पहनाकर उसका जुलूस भी निकाला गया है। पुलिस यातना की मेडिकल जांच की जाएगी तो मामला सामने आ जाएगा। ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में जिला स्तर से पत्रकारगण और बक्स्वाहा से आए पत्रकार साथी मौजूद रहे।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी ने पूर्व गृहमंत्री को भेजा डीआईजी के पास
जिले के प्रवास पर आए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया से भी पीडि़त परिवार ने मुलाकात की। प्रदेश प्रभारी ने प्रदेश सरकार की बर्बर कार्यवाही के खिलाफ अपना आक्रोश जताते हुए पूर्व गृहमंत्री महेन्द्र बौद्ध को पीडि़त परिवार के साथ डीआईजी अनिल माहेश्वरी से मिलने भेजा जहां पूर्व गृहमंत्री के साथ कांग्रेस के विधायक नातीराजा, वरिष्ठ नेता आलोक चतुर्वेदी और पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश शुक्ला ने डीआईजी से साफ शब्दों में कहा कि यदि पत्रकार पर हुई इस बर्बता के खिलाफ पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि बक्स्वाहा के मामले की भी मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए ताकि दोषी किसी भी कीमत पर न बच सकें।
