रतलाम। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मूल्यधारित समाज तथ मूल्यनिष्ठ जीवन के लिए प्रयत्नशील है। इसमें मीडिया की प्रेरक भूमिका को मानते हुए ”मीडिया के समक्ष मुल्यगत चुनौतियों “विषय पर संस्था के इंदौर स्थित ज्ञानशिखर स्थित ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास दिल्ली के अध्यक्ष बलदेवभाई शर्मा के मुख्य आतिथ्य एवं ब्रह्माकुमारी मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष ब्रह्म कुमार करूणाभाई आबू रोड की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार एन.के.सिंह प्रमुख वक्ता तथा ब्राडकास्ट एडिटर्स एसो. के महासचिव अजीत अंजुम तथा कुशाभाऊ टाकेर पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपूर के मानसिंह पंवार विशेष अतिथि थे।
ब्र.कु.ओमप्रकाश भाई की द्वितीय पुण्य स्मरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में कई स्थानों के संपादक, वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए। रतलाम से शामिल हुए वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री सिंह ने कहा कि यह समय न्यूज का कैरेक्टर बदलने का है। अब उसे सामाजिक सरोकारों से जोडना होगा ,जिसके लिये नैतिक सम्बल को मजबूत करने की जरुरत है। सम्पादकों की नैतिक सत्ता से कोई भी मालिक जन सरोकारों से चर्चा करने से हटा नहीं पायेगा. बाजारवाद के प्रभाव में मीडिया जन सरोकारों से दूर हो गया है। बाजार या मार्केट की शक्तियां जनसरोकारों से संबंधित मुद्दे उठाने से मीडिया को रोक न पाये इसके लिये सम्पादकों को कृषि, ग्राम विकास तथा जनसरोकारों के निर्माण के मुद्दे भी उठाना पड़ेगे।
अपने दिल में झांककर देंखे
श्री सिंह ने कहा कि कृषि उत्पादों का उचित मूल्य किसानों को मिले तथा कृषि उत्पादों के विपणन तथा भण्डारण जैसे मुद्दों को भी मीडिया को संजीदा होकर उठाना चाहिये। सामाजिक बुराईयों को खतम करने के लिये मीडिया को लोगों में तर्क शक्ति का विकास करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम एक बार अपनेे दिल में झांककर देखें कि हम समाज के मुद्दों पर कितना महत्व देते हैं। यह स्पष्ट होना चाहिये कि मीडिया शोषित, पीडि़तों के साथ खडा है न कि अत्याचारियों के साथ।
मीडिया हर समस्या के समाधान का माध्यम
नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि मीडिया लोक जागृति का हर समस्या के समाधान का सशक्त माध्यम है। आज मीडिया विचारोत्तेजक बातें तो बताता ही है साथ में बाजारवाद के दबाव में यह भी बताता है कि हमें यह पहनना है, यह खाना है, यह पीना है। इससे जिन्दगी लगातार कठिनतम होती जा रही है। आज समाज में जागरूकता लाने की जिम्मेवारी हम सभी की है परन्तु इसमें मीडिया की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। बाजारवाद के दबाव में अखबारों में संपादक की सत्ता खत्म हो गई है। खबरों का चयन मार्केट तय करता है। ऐसे में सामाजिक मूल्यों को बचाना बड़ा मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक खबरों से जनता का प्रतिसाद मिलता है तथा स्वयं को संतोष मिलता है। इसलिये मीडिया को समस्या स्वरूप नहीं समाधान स्वरूप भी बनना चाहिये।
मीडिया काउंसिल भी बने
श्री परमार ने बताया कि लिखे हुए शब्दों की आज भी सार्थकता है। पत्रकारों को आत्म नियंत्रण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के पाठ्यक्र्रम में नैतिक मूल्यों का भी एक प्रश्न पत्र होना चाहिये। मेडिकल तथा ला काउंसिल के समान मीडिया काउंसिल भी होना चाहिये, इससे मीडिया के क्षेत्र में सुधार हो सकेगा। आज देश में मूल्यों और व्यवहारिकता का ज्ञान हो ऐसे पत्रकारों की आवश्यकता है।
काजल की कोठरी में रहकर सफेद बनकर निकले
श्री अंजुम ने कहा कि मूल्यों का क्षरण समाज के हर तबके में हुआ है। मीडिया के समक्ष मूल्य और चुनौतियां व्यक्ति से शुरू होती है। मूल्यों को बचाना चाहते हैं तो इमानदारी के साथ रिर्पोटिंग करें। सामाजिक बदलाव के लिये विचारों के आदान प्रदान का केंद्र पत्रकारिता ही है। जो भूमिका पहले कभी साहित्य भी थी वह आज पत्रकारिता के पास आ गई है क्योंकि व्यक्ति से मूल्यों के विकास की भी एक प्रक्रिया है। विचारों से ही देशों में क्रातियां हुई है। देश में सामाजिक सद्भाव समग्रता का माहौल बना रहे यह जरूरी है। हमारा समाज समग्र तभी बनेगा हम सभी की चिंता करें। सबसे पहले हमें इंसान बनना पड़ेगा। गलत को गलत कहे। यदि मूल्यों को बचाना चाहते है तो खबरों को सही रुप में प्रस्तुत करें, मिलावट के साथ नहीं। उन्होंने कहा कि काजल की कोठरी में रहकर सफेद बनकर निकल आए यह महत्वपूर्ण है।
शिक्षा में मूल्यों को भी शामिल करना होगा
ब्रह्माकुमारी संस्था के मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्माकुमार करूणा भाई ने कहा कि शिक्षा में मूल्यों को भी शामिल करना होगा तभी समाज भी मूल्यनिष्ठ बनेगा। इंदौर में मूल्यों के विषय पर आयोजित इस तरह के प्रथम संपादक संवाद के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इसी तरह के आयोजन संस्था के सहयोग से अन्य प्रदेशों में भी आयोजित किये जायेंगे।
उज्जैन केन्द्रों की संचालिका ब्रम्हाकुमारी उषा बहन ने सभी का स्वागत करते हुए स्वर्गीय ओम प्रकाश भाईजी के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डाला। इंदौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने सभी को राजयोग की अनुभूति कराई तथा ब्रह्माकुमारी अनिता मीडिया प्रभाग की क्षेत्रीय समन्वयक ने आभार व्यक्त किया।
संचालन मुल्यांकन मीडिया अभिक्रम समिति के अध्यक्ष कमल दीक्षित ने किया। इस गोष्ठी में रतलाम से श्री जोशी के अलावा वरिष्ठ पत्रकार ऋषिकुमार शर्मा, सुरेन्द्र जैन, गोवर्धन चौहान भी उपस्थित थे।।
