सय्यद ख़ालिद कैस (भोपाल)। मप्र में सत्ता से बाहर होते ही भाजपा के विलासी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओ का नशा तेज़ी से उतर रहा है । 15वर्ष सत्ता सुख हासिल किये भाजपाई अब वर्तमान को स्वीकार करने में काफ़ी पीड़ा का सामना करना पड़ रहा । कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने में असफल नेता कारण तलाश रहें हैँ और नतीजे में धन बल पर भीड़ जुगाड़ने वाले अब असहज महसूस कर रहें हैँ ।
क्या हुआ जो उजागर हुई कमी –
भाजपा के बूथ-पालक सम्मेलन में कम जुटे लोगों से संगठन चिंतित है। अपेक्षित कार्यकर्ताओं के भी नहीं पहुंचने का कारण ढूंढने के लिए मंगलवार को भाजपा कार्यालय पर संभागीय संगठन मंत्री जयपाल सिंह चावड़ा और नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने नगर और मंडल के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। पूछा गया कि आखिर गलती किस स्तर पर हुई जो कार्यक्रम फेल हुआ। जो भी मन में है वह बताओ?
इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने खुलकर कहा कि संगठन स्तर पर इतने कार्यक्रम एक के बाद एक दे दिए जाते हैं। अब यह करें या काम-धंधे देखें। मंडल पदाधिकारियों में गुस्सा निगम और खासकर पार्षदों को लेकर था कि वे हमारी ही नहीं सुनते। ऐसे लोगों के टिकट अगली बार काटे जाने चाहिए। सूत्रों की मानें तो बैठक में सर्वाधिक मुखर क्षेत्र 5 और 2 के पदाधिकारी थे। कुछ ने कहा बूथ समिति व वार्ड अध्यक्ष तो विधायक बनाते हैं, यह बात उनसे पूछनी चाहिए भीड़ क्यों नहीं आई? काम करने वाले की कोई पीठ थपथपाता नहीं। इस बार तो वाहन व्यवस्था भी नहीं थी, जबकि वाहनों की आदत तो पहले ही डाल दी है।
संभागीय संगठन मंत्री ने आश्वस्त किया कि इन बिंदुओं का समाधान होगा। पूरे मामले में भाजपा नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने कहा कोई समीक्षा बैठक नहीं थी, न ही ऐसी कोई बात आई। सैनिक सम्मान समारोह, लाभार्थी संपर्क अभियान आदि को लेकर बात हुई।
