छात्रों और उनके परिजनों ने कलेक्टर सौर कुमार के पास शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि मिडल स्कूल के बच्चों की थालियों का प्रयोग भी गोबर और कचरा फेंकने के लिए किया जा रहा है। एक छात्र के अभिभावक ने कहा, ‘छोटे बच्चे इन्हीं थालियों में गोबर इकट्ठा करते हैं और उसे स्कूल के बाहर फेंकते हैं, ऐसा रोज ही करवाया जाता है।’ यह भी बताया गया कि बारिश के मौसम में जानवर स्कूल में घुस जाते हैं और वहीं पर गोबर कर देते हैं। स्कूल का कोई गेट न होने से जानवर कक्षाओं में भी आसानी से घुस जाते हैं।
कांग्रेस का कहना है कि यह सीधे-सीधे मानव संरक्षण अधिनियम की धारा-13 का उल्लंघन है। इस मामले में इसी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। बता दें कि कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत श्योपुर जिले से ही आते हैं।
आल इन्डिया ह्यूमन राइट्स एन्ड सोशल जस्टिस कौंसिल की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समाजसेविका सरोज जोशी ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुये शिवराज सरकार को आड़े हाथ लिया तथा इस मामले को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग तक पहुंचाने की घोषणा करते हुये कहा कि निसंदेह शिवराज सरकार का अंत आचुका है , क्योंकि जब शासक अहंकारी होकर स्वयं अपनी स्तुति करने लगे तो यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनविरोधी होगई है जो उसके अंत के लक्षण हैं ।