भोपाल। पद्मावत फिल्म पर बैन को लेकर मप्र सरकार ने यू-टर्न लिया है और मप्र में फिल्म रिलीज न होने का ठीकरा मल्टीप्लेक्स टॉकीज पर फोड़ दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की मुलाकात के बाद गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मीडिया से कहा कि सरकार फिल्म के प्रदर्शन के लिए तैयार है। फिल्म का प्रदर्शन करना है या नहीं, इसका फैसला सिनेमाघर संचालकों को करना है। दूसरी तरफ, मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन फिलहाल मप्र में फिल्म रिलीज करने को तैयार नहीं हैं।
एसोसिएशन के सचिव अजीजुद्दीन का कहना है कि दो से तीन दिन बाद यदि प्रदेश में शांति रही तो विचार किया जाएगा। हालांकि सरकार से मुलाकात के बाद अब एसोसिएशन भी जन भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाने की बात कर रहा है। गुरुवार को राजधानी भोपाल में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने से शहर में शांति का माहौल रहा।
मुख्य सचिव बोले- फिल्म का प्रदर्शन करने वालों को सुरक्षा देंगे
मुख्य सचिव बीपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर हमारी पूरी नजर है। जो सिनेमाघर फिल्म रिलीज करेगा, उसे सुरक्षा देंगे। सभी जिलों को सजग रहने के लिए सूचित किया गया है।
अदालती फैसले का पालन हो: अजय सिंह
फिल्म पद्मावत को लेकर मचे बवाल पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि अदालती फैसले का पालन होना चाहिए। किसी भी समाज को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं। राजपूत समाज ने निर्माता से फिल्म दिखाने की गुजारिश की थी, लेकिन लगता है इसे नहीं माना गया। जब उनसे पूछा गया कि उप्र में फिल्म चल रही है वहां मुख्यमंत्री भी ठाकुर है, फिर मप्र में ऐसा क्यों नहीं? इस पर अजय सिंह का जवाब था कि यहां के ठाकुर फर्जी चौहान हैं।
