भोपाल । सर्वोच्च न्यायलय के निर्देश के बावजूद सीहोर जिले की जावर तहसील मे क्रान्तिकारी पत्रकार सतीश सेन के खिलाफ़ एस सी /एस टी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करने का मामला पुलिस महानिदेशक के दरबार मे पहुँच गया है । अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की राष्ट्रीय सचिव सरोज जोशी ने कल इस सम्बन्ध मे एक ज्ञापन डीजीपी को सौंपा । तथा पीड़ित पत्रकार सतीश सेन पर पुलिस द्वारा दर्ज झूठा मुकदमा वापस लेने एवम उच्च स्तरीय जाँच की माँग की । ज्ञात हो कि पत्रकार सतीश सेन पर जावर पुलिस ने किया झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। पत्रकार सतीश सेन हमेशा जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं। कुछ दिन पहले इन्होंने पुलिस और सटोरियों के खिलाफ भी कई समाचार प्रकाशित किए। जावर पुलिस ने बदले की भावना से आसाजिक तत्वों के कहने पर एक झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया, ये प्रेस के माध्यम से उठने वाली आम आदमी की आवाज को दबाने का प्रयास है। इस संबंध में पत्रकार सतीश सेन से बात की तो उन्होंने बताया कि पुलिस में यह कार्यवाही दबाव बनाने के लिए की है। वह पुलिस के खिलाफ एक बड़ा खुलासा करने वाले थे। पुलिस ने 18 मार्च को अवैध रेत से भरा एक ट्रक जप्त किया। जावर थाने के कुछ पुलिसकर्मियों ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही करने के नाम पर ट्रक चालक से 1500 रुपए लिए और ट्रक छोड़ दिया। बाद में ट्रक पर हुई कार्यवाही की तस्दीक की गई तो सामने आया कि पुलिस ने ट्रक चालक से 1500 रुपए तो लिए हैं, लेकिन ट्रक के खिलाफ मोटर व्हीकल व्हीकल एक्ट के तहत कोई कार्यवाही नहीं की गई है। सतीश सेन पुलिस की रिश्वतखोरी के खिलाफ साक्षी इकट्ठे कर खुलासा ही करने वाले थे कि पुलिस ने मामले को दबाने का दबाव बनाते हुए झूठा मुकदमा दर्ज कर पत्रकार को फंसा दिया।
