मध्यप्रदेश के होशँगाबाद जिले मे स्थित है…. पचमढ़ी
पचमढ़ी…. जेसा की नाम से विदित है , पचमढ़ी को प्रदेश की मिनी कश्मीर के नाम से जहाँ एक और पहचाना जाता है तो यहाँ आकाश को छूने वाली गहराइयाँ है , जलप्रपातों , और शैल शिखरों से पचमढ़ी की हरीतिमा देखते ही बनती है पचमढ़ी को नैसर्गिक सौन्दर्य का वरदान प्राप्त है तो यहाँ की फिजा गर्मियों के दिनों मे भी शीतलता प्रदान करती है।
विश्व रचियेता ने … अपने गैर कामों को छोडकर जिस खूबसूरती से पचमढ़ी को सजाया और सँवारा है वैसा सौभाग्य शायद ही किसी पर्यटन स्थल को नसीब होना भी सौभाग्य की ही बात होगी।
और इसके साथ पचमढ़ी को (आमों का राजा ) जँगल भी कहा जाता है , यहां आम , महुआ , अचार , बहुतायत से यहां के जँगलो मे होता है तो दूसरी तरफ यहाँ सुन्दर आमों का बगीचा भी लगाया गया है , जिसे शासकीय पोलो उधान के नाम से पहचाना और जाना जाता है।
यहाँ इस ऋतु मे आमों की काफी बैरायटियाँ देखने को मिलती है बस फिर क्या था हमने वहां पहुंच कर निरीक्षण और जायजा लिया तो हमे आमों के साथ लिची , गुलाब जामुन , के वृक्षों की लम्बी कतार देखने को मिली … हाँ एक बात और यहां का आम देश और प्रदेश के साथ अन्य राज्यों मे यहां से होकर जाता है उसे कहते है पचमढ़ी का आम….
हमने यहां पोलो अधीक्षक आर.एस. परतेती से जहां एक और बातचीत की तो वहीं हार्टिकल्चर के विक्रम धुर्वे से भी बातचीत की और इसी के साथ जब यहाँ आम बहुतायत से होते है तब शासकीय उद्यान इन आमों का बगीचा कुछ समयावधि के भीतर नीलाम कर देता है और जो यहाँ आमों का बगीचा बतौर ठेके पर लेता हैं उनसे भी हमारी बातचीत हुई उन्होंने अवगत कराया हमारे चेनल को की पचमढ़ी पोलो उद्यान मे लगभग कितनी फसल आमों की होती है ओर यहाँ का आम कहा कहा किस शहर मे जाता है देखिये इस पूरे वीडियो मे और इसी के साथ हमारे जिले से आये वरिष्ठ पुलिस अधिकारी श्री ब्रजभूषण शर्मा जी द्वारा यहाँ आम तो खरीदे ही गये है उन्होंने बताया हम प्रतिवर्ष यहाँ आम लेने आते है और जब तक हम इस पचमढ़ी के आम को अपने ईष्ट मित्रो को भी यहां से पहूँचाते है तो देखिए इस पूरे वीडियो मे …… कि पचमढ़ी अपनी शालीन और गरिमामयी आसीम शाँति के साथ यहाँ का प्राकृतिक परिवेश आज भी अक्षुण्ण है।
वरिष्ठ पत्रकार मनोज दुबे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की एक विशेष रिपोर्ट
