भोपाल । मध्य प्रदेश में कांग्रेसी , बीजेपी दोनों के लिए विकट समस्या उत्पन्न हो रही है । जहाँ कांग्रेस के वर्तमान विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह द्वारा प्रदेश में सी ए ए का समर्थन कर कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा सीएए और एन आर सी के विरोध में बयान देकर मोदी और भाजपा को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रही पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के प्रति भाजपा की उदासीनता किसी से छिपी नहीं है इंदौर की प्रभावशाली तथा बरसो इंदौर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली ताई सुमित्रा महाजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष एवं गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रथम पंक्ति में रहने के बावजूद जिस प्रकार जबरदस्ती रिटायरमेंट दिया गया वह किसी से छिपा नहीं है। परंतु अपने करिश्माई व्यक्तित्व के कारण इंदौर सहित संपूर्ण प्रदेश में अपना मकाम रखने वाली सुमित्रा ताई हमेशा सत्य, न्याय के लिये मानी जाती हैं । 2014 से 2019 की एनडीए सरकार में लोकसभा अध्यक्ष के पद को सुशोभित करने वाली सुमित्रा ताई एक बार फिर अपने मुखर रूप के कारण भाजपा के विरुद्ध दिखाई दे रही हैं ।
जहां संपूर्ण भाजपा नरेंद्र मोदी सरकार के नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में खड़ी दिखाई दे रही है वहीँ ताई सुमित्रा द्वारा एक बयान देकर संपूर्ण भाजपा को कटघरे मे खड़ा कर दिया है।
इंदौर की प्रभावशाली महिला नेता सुमित्रा महाजन ने CAA-NCR के विरोध में इंदौर के बड़वाली चौकी पर चल रहे धरना-प्रदर्शन में मुस्लिम महिलाओं के बड़ी संख्या में आने पर खुशी जाहिर की है। ताई ने कहा कि महिलाओं का मुखर होना उन्हें अच्छा लगता है। उनके समुदाय में भी महिलाओं पर कभी भी अत्याचार होगा तो वे अब बोलेंगी। ताई के इस बयान ने भाजपा द्वारा प्रचारित नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन की धज्जियां उड़ा दी । जहां एक ओर सुमित्रा ताई द्वारा सी ए ए एवं एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं का समर्थन किया वहीं दूसरी ओर प्रदेश की कमलनाथ सरकार मे शामिल कांग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने सी ए ए का समर्थन कर पूरी कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया है जहां एक और सुमित्रा ताई भाजपा द्वारा बरते जा रहे है उपेक्षित व्यवहार से त्रस्त हैं, वहीँ लक्ष्मण सिंह का कमलनाथ सरकार पर बार-बार हमला करना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के आने के बावजूद वरिष्ठ विधायक होने के बाद भी कमलनाथ सरकार द्वारा लक्ष्मण सिंह के साथ उपेक्षित व्यवहार किया जा रहा है ।
लक्ष्मण सिंह के यह तीखे तेवर पहली बार जाहिर नहीं हुए वह इससे पूर्व भी कांग्रेस से किनारा कर भाजपा की गोद में बैठ चुके हैं और भाजपा द्वारा नज़र अंदाज़ करने के कारण पुनः कांग्रेस में शामिल हुए थे।
कमलनाथ सरकार के उदासीन व्यवहार के कारण लक्ष्मण सिंह की बौखलाहट विरोध के रूप में सामने आ रही है। स्वयम दिग्विजय सिंह अपने भाई के बयानों से इत्तेफाक नहीं रखते । आज जब पत्रकारों द्वारा गुना अशोकनगर में दिग्विजय सिंह से कंप्यूटर बाबा के संबंध में लक्ष्मण सिंह द्वारा दिए गए बयान पर टिप्पणी की तो दिग्विजय सिंह ने बड़ी चतुराई से लक्ष्मण सिंह के बयान पर कोई टिप्पणी देने से किनारा हुए कहा हर व्यक्ति में अलग गुण होते हैं जो गुण कंप्यूटर बाबा में है वह लक्ष्मण सिंह में नहीं और जो लक्ष्मण सिंह में है वह मुझ में नहीं।
@सैयद ख़ालिद कैस -8770806210
