सैयद ख़ालिद कैस समूह सम्पादक @9009217594
भोपाल । शिवराज सरकार से निकाले गए भाजपा के सबसे पुराने और ताकतवर विधायक पूर्व मुख्यमन्त्री बाबूलाल गौर को हाशिए पर करने वाली भाजपा के लिए टिकट वितरण के समय गौर साहब की अनदेखी भारी पड़ सकती थी । यह बात निश्चित थी कि संगठन अबकी बार गौर साहब को टिकट नही देता । आलोक शर्मा कई माह से कमर कसे बैठे थे , परन्तु अंतिम समय मेँ गौर साहब की बगावत और बदलते समीकरण ने भाजपा को गौर साहब के सामने आखिर झुका ही दिया और कृष्णा गौर को गोविंदपुरा सीट से टिकट मिला । यहां यह भी बताना आवश्यक हैं कि यदि शिवराज और भाजपा कृष्णा गौर को टिकट नही देते तो सम्भवतः गौर साहब मय पुत्र वधू के कॉंग्रेस के हो जाते । इसी डर से भाजपा ने घुटने टेके ।
गौरतलब हो कि टिकट की घोषणा के पूर्व ही कृष्णा गौर अपना नामांकन जमा कर आई थी , यदि भाजपा टिकट नही देती तो कॉंग्रेस तो दे ही रही थी ।
इस सब बातो का खुलकर आना गत दिनो की एक घटना से हुआ ।
भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने मतदान के दूसरे ही दिन कांग्रेस को जीत की बधाई दे दी है गुरुवार शाम को गौर से मिलने उनके घर पहुंचे पूर्व मंत्री एवं भोपाल उत्तर से कांग्रेस प्रत्याशी आरिफ अकील को उन्होंने पहले ही बधाई दे दी गौर ने अकील से यहां तक कह दिया कि कांग्रेस की सरकार बन रही है और आप कैबिनेट मंत्री आपको बधाई।
भाजपा के दिग्गज नेता बाबूलाल गौर के घर पर भोपाल उत्तर से विधायक प्रत्याशी आरिफ अकील पहुंचे और उनके साथ कुछ मिनट गुफ्तगूं की इस मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। उनकी मुलाकात का वीडियो भी वायरल हो गया है। जिसमें दोनों बातचीत कर रहे हैं। वे बधाई दे रहे हैं गौर ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने मेरी बहू को टिकिट दिलाने में मेरी की मदद है
इस सबसे दो बाते स्पष्ट हो गई हैं एक यह कि कॉंग्रेस की सरकार आने का गौर साहब को ही नही वरन भाजपा को भी विश्वास हो गया हैं , कॉंग्रेस की जीत पक्की हैं , दूसरा गोविंदपुरा सीट से कृष्णा गौर के ख़िलाफ़ गिरीश शर्मा को बलि का बकरा बनाकर कृष्णा गौर को वाक ओवर दिया गया हैं । इन्तेज़ार 11तारीख़ का हैं शिवराज का राज़ या शिवराज को वनवास । क्योंकि यह निश्चित हैं कि कॉंग्रेस सरकार बनते ही शिवराज सरकार के घोटाले उजागर होंगे और शिकार होंगे शिवराज , साधना और उनकी मंडली ।
