राजसमंद राजस्थान- राजस्थान के लव जिहाद केस के मुख्य आरोपी शंभूलाल रैगर से जुड़े एक करीबी सूत्र ने इस बर्बर हत्या में एक नया पक्ष सामने रखा है। शंभू के एक करीबी मित्र ने कहा कि वह खुद भी एक नाबालिग हिंदू लड़की से प्यार करता था, लेकिन वह लड़की किसी दूसरे मुस्लिम लड़के को पसंद करती थी।मुस्लिम लोगों की अवधारणा ही अपराधी प्रवृत्ति की है जो एक बार चंगुल में फंस गया जान से हाथ धोये बिना निकल नहीं सकता,

राजसमंद के रैगर बस्ती के स्थानीय लोगों का कहना है कि शंभूलाल मार्बल व्यापार का काम किया करता था, लेकिन नोटबंदी के बाद से वह बेरोजगार हो गया था। पिछले साल नोटबंदी के बाद बेरोजगार होने के बाद से उसने काफी लोगों से करीब 1.5 लाख रुपये उधार ले लिए थे।
रैगर के दोस्त ने बताया, ‘कुछ बंगाली मजदूरों ने भी उसकी तब पिटाई कर दी थी जब वह हिंदू लड़की को मुस्लिम युवक के पास से बंगाल से छुड़ाकर लाया था। इस घटना के बाद से वह काफी चिंतित रहता था और उसे लगता था कि लड़की फिर से मुस्लिम युवक के साथ जा सकती है।’
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कुछ घटनाएं दो-तीन साल पहले भी हुई थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ‘एक हिंदू लड़की ने मुस्लिम लड़के से शादी कर ली और वह बागपुरा में रह रही है।’
एक पड़ोसी ने बताया, ‘हिंदू-मुस्लिम लड़के लड़कियों के प्रेम संबंध की घटनाओं ने उसके दिमाग पर असर डाला था और वह कभी-कभी बहुत नफरत भरी बातें भी करने लगा था। उसने हमसे कई बार कहा था कि हम लोगों को आरक्षण का विरोध करना चाहिए।’
शंभूनाथ के पड़ोसियों का कहना है कि बेरोजगार होने के बाद से वह बहुत अधिक शराब पीने लगा था और अक्सर गांजा का सेवन किया करता था। उसके एक दोस्त ने बताया, ‘उसके व्यवहार में काफी बदलाव आया था और वह घंटों इंटरनेट पर बिताता था। वह रोज राजसमंद झील में स्विमिंग करता था और अपने बच्चों को भी तैराकी के गुर सिखाता था। शंभू अक्सर कहता था कि कुछ लोग उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं खासकर उसकी छोटी बेटी को। वह जहां भी जाता था अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर जाया करता था। शंभू अपने परिवार की सुरक्षा के लिए काफी चिंतित रहता था।’
