मध्यप्रदेश के होशँगबाद जिले मे स्थित है सोहागपुर.और इस कस्बे को…… गर्मियों के दिनों मे ठँडा जल रखने के लिए (सुराही) ….बनाने की एक पहचान और मिली है…. जहाँ नागरिक सोहागपुर की सुराही गर्मियों मे अपने घर जरूर लाता है…..और अब इस कस्बे को एक नई पहचान दी है….. डाँ. जोऐब ने ….. (रोटी बैंक ) के माधयम से सँस्था करती है…..गरीब ,असहाय , और दरिद्र नारायण की पूजा

होशँगबाद…… मध्यप्रदेश …. सोहागपुर-
वास्तव मे दरिद्र नारायण की पूजन कर बैकुण्ठ या अल्लाह की खिदमत जब.सार्थक हो जाती है जब भूखे को पेट.भर भोजन , और जरुरत की आवश्कताऐ पूरी हो जाये... (वरिष्ठ पत्रकार एवँ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज दुबे)की एक्सुक्लिव रिपोर्ट…
हमारे धर्म ग्रँन्थो मे यह रोचक प्रसँग पढने को मिलता है की हमारे देश मे जो अनेकानेक अवतारों ने समय समय पर आकर जिस ढँग से दरिद्रनारायण की पूजन कर गरीब असहाय , लोगों की जिस ढँग से पूजन की और उनकी भावनाओं से जुडकर वे जिस भी ढँग से मदद की वे कोई.साधारण नही बल्कि असाधारण व्यक्ति ही रहे इनमे से ख्वाजा सा. शिरडी के साँई बाबा और अनेकानेक. महापुरूषों के नाम आज भी हमारी सँस्कृति का परिचायक.बन गये…..
युग पुरुष भी अपने पीछे बहुत कुछ रोचक.प्रसँग पीछे छोड जाया करते है……..
आज हमे इसी सोहागपुर नाम के कस्बे के रुप मे रोटी बैक के माध्यम से सोहागपुर के युवा का तरँगित मन दरिद्र नारायण को साक्षी मानकर जिस ढँग से गरीब ,असहाय लोगो को दो जून की भूखे को रोटीयां और आवश्कता की जिस वस्तुएं देकर उनकी पूजा कर रहे है वह कोई साधारण तो नहीं हो सकता यह सँस्था डाँ. जोऐब के मार्ग दर्शन मे वहां सोहागपुर और आस.पास.के घरों मे रोटियां बैकिंग लेकर फिर उसे मजलूम ,भूखे असहाय और दरिद्र नारायण की खिदमत मे बाँटकर सार्थक प्रयास कर रही.है वह एक मिशाल है…. और फेस.आँफ इडिया मुम्बई अपने राष्ट्रीय मँच पर लाकर इस अभूतपूर्व कार्य को करने सँस्था को सलाम करती है और हम इसे राष्ट्रीय मैगजीन मे भी प्रकाशित कर देश के सामनें इस अनूठे कार्य को करने वाले इन सभी लोगों के प्रति अपनी सँवेदना प्रगट करेगेँ ताकि हमारे पाठकोँ को इस प्रसँग से और अधिक जानकारी मिलेगी और समाज ,देश और राष्ट्र के सामने ऐसे क ई विभूति पुरुषों के सामने यह रोचक प्रसँग से और अधिक जानकारी हासिल कर दरिद्र नारायण की पूजन कर ही इस देश से गरीबी , और असहाय. लोगों की किस ढँग से सेवा निस्वार्थ. भाव से की जा सकती है यह द्वश्य मानस पटल पर अवश्य एक मिशाल पेश करेगा सँस्था के डाँ. जोऐब और परिवार ने बताया कि असहाय लोगों को मुफ्त दवाएं भी सँस्था वितरित करती है
जो भी सोहागपुर मे रहकर यह कार्य कर रहे है वे मात्र सोहागपुर ही नहीं देश मे यह कार्यसेवा के लिये छा जाये तो हमारे देश मे कोई भूखा नही सोयेगा ,उन्होंने बताया यही हमारी सेवा भी है और यही हमारी पूजा और यही हमारी पहचान और अब सोहागपुर को सुराही की पहचान के साथ डाँ. जोऐब की तपस्या ने इस.जगह.को बना दिया है…। रोटी बैक …जहाँ रोटियां बैक कै रुप मे एकत्रित होकर वह भूखे की भूख को तृप्ति मिलती है।
