छतरपुर । मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सदर एसडीएम के ऊपर आज लगभग 9:00 बजे सुबह अज्ञात हमलावरों ने उनके ऑफिस में हमला कर दिया उनके गाड़ी में तोड़फोड़ के साथ उनके चेंबर में हुई तोड़फोड़ की इस पूरी घटना को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है वहीं एसडीएम अनिल सपकाले शुरू से छतरपुर जिले में विवादित रहे हैं वह अपने कारनामों के लिए जाने जाते रहे हैं ।

छतरपुर शहर के एसडीएम अनिल सपकाले जो कि हमेशा विवादों में रहे हैं और विवादों के चलते उनका ट्रांसफर हो गया था उसके बाद वह हाई कोर्ट से स्टे लाकर छतरपुर की एसडीएम बने बैठे हुए हैं आज सुबह उनके ऑफिस में 4 से 5 अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया उनके गाड़ी में तोड़फोड़ की उनके चेंबर में तोड़फोड़ की व हवाई फायरिंग करने की बात भी कही जा रही है इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम अनिल सपकाले के मुताबिक वह अपने ऑफिस में 8:50 पर काम करने के लिए आए तब यह बात घटना घटी हमलावर बाहर क्या कहकर जा रहे थे यह उन्होंने सुना नहीं इतना ही नहीं एसडीएम के साथ हमेशा रहने वाले गार्ड ने भी किसी प्रकार से रक्षात्मक विरोध भी नहीं किया हर बार बस एंटी माफिया माफिया कार्यवाही को विरोध में या घटना घटी बता रहे हैं मगर अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास से यह पूरी सोची समझी साजिश भी नजर आ रही है छतरपुर के एडीएम के मुताबिक यह घटना सुबह लगभग 9:30 बजे घटी है वही सीएसपी के मुताबिक यह घटना सुबह 9:00 से 9:10 के बीच घटी वही उनका कहना है ईश्वर 8:50 पर एसडीएम काम करने के लिए ऑफिस आ गए थे सवाल ये उठता है कि जब एसडीएम की ऑफिस में कोई कर्मचारी नहीं था तो एसडीएम अपने चेंबर में काम कैसे कर रहे थे वही लोगो के बयान भी विरोधाभास लग रहे हैं एक महिला के मुताबिक 5 लोग आए और गोली चला कर पैदल चले गए जावेद अख्तर के मुताबिक भी लोग पैदल आए और चले गए वही सीएसपी द्वारा कहा गया कि सुबह 8:50 पर एसडीएम कार्यालय काम कर रहे थे व 9:00 से 9:10 के बीच में हमलावर आए और चले गए इतना ही नहीं एक और चश्मदीद के मुताबिक लोग आए और चले गए तोड़फोड़ की बाकी और क्या किया पता नहीं एसडीएम कार्यालय में अंदर बने मंदिर में पूजा कर रहे पुजारी के मुताबिक उन्होंने कोई किसी प्रकार की आवाज नहीं सुनी इतना ही नहीं उन्होंने तीन चार लोगों को जाते हुए भी देखा है वही एक मजदूर भी कह रहा है कि एक मजदूर भी एक व्यक्ति का नाम लेकर कह रहा है कि उसके भेजे हुए लोग हैं उससे दुश्मनी लेना एसडीएम साहब को महंगा पड़ेगा।
इस संपूर्ण घटनाक्रम व बयानों के आधार पर देखा जाए तो संपूर्ण घटना यह एक साजिश नजर आ रही है क्योंकि एसडीएम कार्यालय के ठीक सामने एसपी का बंगला भी है उस बंगले पर हमेशा 24 घंटे गार्ड तैनात रहते हैं इतनी बड़ी घटना को अंजाम देकर आरोपी पैदल कैसे चले गए और यहां तक कि एसपी के गार्ड ने आवाज भी नहीं सुनी अब देखना यह होगा कि जांच में क्या आता है कयास लगाए जा रहे हैं कि हमेशा विवादों में रहने वाले अनिल सपकाले की कोई सोची-समझी रणनीति तो नहीं थी क्योंकि अचानक जल्दी काम पर आना भी यह संदेश को जन्म दे रहा है वही जिस प्रकार से मजदूरों द्वारा भी कहा जा रहा है तो सवाल ये उठता है कि मजदूर सुबह 8:00 बजे से काम पर इतनी जल्दी आज कैसे आ गए।

