जबलपुर /भोपाल । रामेश्वर नीखरा पूर्व सांसद के बाद मप्र स्टेट बार कौंसिल की कमान निरंतर बरसों बरस किसी एक के पास नहीं रही । लगभग 24वर्ष निर्विवाद , निर्विरोध मप्र स्टेट बार कौंसिल के मुखिया की कमान का ताजा केवल रामेश्वर नीखरा के ही सिर रहा । उनके हटाने या यह कहें हटाने के बाद कोई भी निरंतर अध्यक्ष नहीं रहा ।छिंदवाड़ा कॉंग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवम पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ के खास गंगा प्रसाद तिवारी द्वारा 2018 के मप्र विधानसभा चुनाव में अपनी व्यस्तता के मद्देनजर स्टेट बार कौंसिल के अध्यक्ष पद से स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया । स्टेट बार कौंसिल ऑफ मप्र की बैठक में कल जबलपुर में श्री तिवारी के इस्तीफे के बाद हुये निर्वाचन में दूसरी बार शिवेंद्र उपाध्याय जी को स्टेट बार कौंसिल मप्र के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से नवाजा गया ।
दोबारा अध्यक्ष का पद पाते ही श्री शिवेंद्र उपाध्याय द्वारा कहा की प्रदेश में भय मुक्त न्यायपालिका के लिये स्टेट बार कौंसिल बेड़ा उठायेगी । उन्होंने अधिवक्ता म्रत्यु दावा राशि रुपये 5 लाख और अधिवक्ता चिकित्सा राशि रुपये 1.50 हजार करने की घोषणा भी की । श्री उपाध्याय ने विश्वास दिलाया कि आगामी तीन वर्ष का कार्यकाल अधिवक्ता कल्याण पर समर्पित होगा ।
स्टेट बार कौंसिल मप्र के अधिकृत प्रवक्ता एवम कार्यालय सहायक हाजी मोइन खान द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार इस बैठक में विजय कुमार चौधरी , राजेश व्यास , महबूब अंसारी साहित प्रदेश भर से निर्वाचित सदस्य मौजूद रहे और उन्होंने निर्वाचन में हिस्सा लिया ।
श्री उपाध्याय को पुनः अध्यक्ष निर्वाचित होने पर राजस्व अधिवक्ता कल्याण परिषद मप्र के प्रदेश अध्यक्ष एवम सार्थक मीडिया एंड पब्लिकेशन्स के महाप्रबंधक /मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा समूह सम्पादक सैयद खालिद कैस एडवोकेट ने बधाई प्रेषित कर आशा व्यक्त की कि श्री उपाध्याय के नेतृत्व में स्टेट बार कौंसिल अधिवक्ता कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करेगी ।
