नई दिल्ली। काम में दखल का आरोप लगाकर अक्सर सरकार की ओर से की जाने वाली आलोचना पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सरकार खुद कुछ करती नहीं है। जब हम कुछ कहें तो सब कहने लगते हैं कि सरकार और देश चलाने की कोशिश कर रहे हो।’ उत्तरप्रदेश सरकार को फटकारते हुए कहा कि लगता है आपकी मशीनरी फेल हो गई है। शहरों में बेघरों को शेल्टर मुहैया करवाने से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह कमेंट किया।
उत्तरप्रदेश सरकार को फटकार
उत्तरप्रदेश सरकार को फटकारते हुए जस्टिस एमबी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा- लग रहा है कि आपकी मशीनरी फेल हो गई। आप लोग काम नहीं कर सकते हैं तो बता दें।’ कोर्ट ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन 2014 से चल रहा है, लेकिन उत्तरप्रदेश सरकार ने इस पर कुछ नहीं किया। राज्य सरकार ध्यान रखे कि यह मामला इंसानों से जुड़ा है। जिन लोगों के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है, उन्हें रहने की जगह दी जानी चाहिए।
कोर्ट ने उत्तरप्रदेश सरकार से पूछा- बेघरों के आधार कार्ड कैसे बनते हैं?
कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि शहरों में बेघरों के आधार कार्ड कैसे बनाए जाते हैं। उनका ब्योरा क्या दिया जाता है। जवाब में एएसजी तुषार मेहता ने कहा, संभवत: ऐसे लोगों के पास आधार कार्ड नहीं मिलेगा।’
इस पर कोर्ट ने पूछा, क्या आधार से वंचित बेघरों का केंद्र या यूपी सरकार के लिए कोई वजूद नहीं है? क्या उन्हें शेल्टर होम्स में जगह नहीं मिलेगी?’
