भोपाल । भारतीय जनता पार्टी की प्रखर वक्ता , महिला सशक्तिकरण की प्रबल समर्थक सुषमा स्वराज किसी परिचय की मोहताज नही थीं । यह कहने में अतिशयोक्ति नही होगी कि मौजूदा सरकार के मुखिया नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बड़ी और अपने ज़माने की ताकतवर राजनेताओ में उनका शुमार था । यह विवशता ही थी जो उनको ऎसे लोगों के हाथों तिरस्कार सहना पड़ा जो कभी भी उनके सामनें कद्दावर नही थे , परन्तु बदलते हालात ने उनको यह दिन दिखाए । सुषमा जी को नरेन्द्र मोदी द्वारा इस लोकसभा चुनाव में टिकट नही देकर अटल -आडवाणी खेमे को कमज़ोर करने से ज़्यादा कुछ नही था । पार्टी नही मोदी के आदेश का नत मस्तक होकर पालन करने वाली सुषमा स्वराज आहत थी , अपनी उपेक्षा से । आहत थी अपने तिरस्कार से । लेकिन खामोश थीं , वह जानती थीं कि अटल जी के जाने के बाद आडवाणी , मुरली मनोहर , यशवंत सिन्हा , जसवंत सिंह, सुमित्रा महाजन जैसे दिग्गजों को जिस प्रकार मोदी ने बेपर बेघर कर दिया , उसी प्रकार उनको भी अघोषित पार्टी निकाला दे दिया गया है ।
मोदी सरकार 2 में उनके साथ बरते जा रहे उपेक्षित व्यवहार ने उनको तोड़ दिया था । निःसन्देह मृत्यु अटल है जो आया है वह जाऐगा । मगर जाने वाला जब हृदय से टूटकर जाए तो पीड़ा होती है ।
मैं अचम्भित था जब यह समाचार मिला कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने देह त्याग दिया । भारतीय लोकतंत्र की सबसे सशक्त महिला नेत्रियों में शुमार रही श्रीमती सुषमा स्वराज हमारे बीच नही रही । देर शाम हृदय गति रुकने से हुआ निधन होगया । आज उनकी आत्मा ने निश्चित ही देह त्यागा , परन्तु वह तब ही टूट गई थीं जब उनको उपेक्षित व्यवहार का सामना करना पड़ा था । देर शाम यह समाचार जंगल में लगी आग की तरह फ़ैल गया कि भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। सुषमा स्वराज को आज सीने में दर्द के चलते दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था जहां रात 11.15 बजे सुषमा स्वराज ने एम्स में अंतिम सांस ली। खबर आते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओ और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। और भारत के बड़े नेताओं व मंत्रियों का एम्स अस्पताल में पहुंचना शुरू हो गया हैं। सुषमा स्वराज कुछ समय से बीमार चल रही थी लेकिन आज सीने में तेज दर्द उठने की वजह से उनको एम्स में भर्ती किया गया था काफी कोशिशों के बाद भी डॉक्टर उनको बचा नही पाए और 67 साल की उम्र में सुषमा स्वराज ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।आज देश ने अपनी एक और बेटी खो दी ।
अपने निधन से पूर्व अपने ट्यूटर खाते पर किये पोस्ट से उन्होने आर्टिकल 370पर नरेन्द्र मोदी को बधाई भी दी थी, उस समय उनको यह नही मालूम था कि यह संदेश उनका आख़िरी संदेश होगा ।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति भारत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन पर शौक व्यक्त करती है ।
