ऐसे बहुत ही कम वक्ता है जो जैसा कहते हैं वैसा ही करते हैं, जी हाँ हम प्रेरक वक्ता, जीवन गुरू,रहस्यवादी और योगी विवेक शेट्टी की बात कर रहे हैं।
डी.वाय. पाटील स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलोजी और बायोइंफोर्मेटिक्स में एक विशेष संमेल्लन के मुख्य अतिथि.और मुख्य वक्ता के रूप में, उन्होंने.मन के प्रबंधन, चरम क्षमता को.प्राप्त करने और एक समावेशी चेतना विकसित करने पर कुछ बहुत ही गहन अंतर्दृष्टि औरतकनीकों को साझा किया।
छात्रों के अलग अलग गुट देखतेहुए उन्होंने कहा, “हम ऐसे समयऔर युग में जी रहे हैं जहां लोगअपने मस्तिष्क की बजाएअपने बालों की देखभाल करनेमें अधिक खर्च करते“ उन्होंनेआगे कहा कि हर कोई एकाग्रताबनाए रखने और ध्यान केंद्रितकरने की सलाह तो देता है, लेकिनकोई नहीं सिखाता है कि यह कैसे करना है और एकाग्रता और ध्यान विकसित करने की कुछ बहुत हीसरल लेकिन गहन तकनीकों काप्रदर्शन करने लगे। छात्रों नेलगभग नब्बे मिनट तक ध्यान सेसुना, क्योंकि उन्होंने सोशलमीडिया और मोबाइल की लत सहित युवाओं को प्रभावित करनेवाले मुद्दों पर अपनी हमेशा की तेजतर्रार शैली में शानदार वक्तव्य किया।
प्रश्न उत्तर सत्र स्पष्ट रूप से बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा रहा जहां छात्रोंने व्यक्तिगत संबंधों और सपनों तथा लक्ष्यों कीअभिव्यक्ति सहित हर प्रकार केप्रश्न पूछे थे। विवेक शेट्टी ने ऐसेही एक प्रश्न का एक गहनअवलोकन के साथ जवाब देते हुएकहा कि, “जिस पर आप जीवनसंचालित करते हैं ऐसी ऊर्जा,आवृत्ति और कंपन को जब तकआप बदलते नहीं हैं, तब तकउसी प्रकार के लोग आपकेजीवन में वापस आएंगे, केवलउनके नाम बदल जाएंगे। जिसपर आप जीवन संचालित करतेहैं ऐसी ऊर्जा, आवृत्ति और कंपन को जब तक आप बदलते नहीं हैं, तब तक उसी प्रकार कीघटनाएं अपने आप कोदोहराती रहेंगी, केवल समयऔर स्थान बदल जाएंगे।“
उन्होंने आगे छात्रों से चरम क्षमतापर ध्यान केंद्रित करने का आग्रहकिया, न कि केवल जीवित रहने पर। विवेक शेट्टी अपने सभीलेक्चरों में जीवन विज्ञान, प्रबंधन, योग और रहस्यवादीज्ञान के दुर्लभ संयोजन और प्रज्ञा पर बात करते हैं और कोर्पोरेटसमूहों, प्रबंधन संस्थानों, एनजीओ,चिकित्सा और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों, अंतर राष्ट्रीय पाठशालाओं और विभिन्न प्रबंधन मंचों के बीच पिछले पंद्रह वर्षों मेंचार सौ से अधिक लेक्चर पूरे कर चुके हैं। ट्विटर पर उनके करीब करीब पचास हजार और इंस्टाग्राम पर एक लाख पचास हजार सेअधिक फोलोअर हैं, और यह संख्या हर घंटे बढती जा रही है।
इस अवसर पर डी. वाय. पाटीलइंस्टिट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलोजी एन्ड बायोइंफोर्मेटिक्स के निदेशक डॉ. देवजानी दासगुप्ता भीउपस्थित थे।
