पिपरिया — आज स्वाधीनता दिवस की 72 वीं वर्षगाँठ के अवसर पर सभी कार्यक्रमो , घटनाओ , समस्याओं पर , हर खबर पर तीखी नजर वाले जनमानस की समस्याओ को उजागर करने वाले लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के नाम से सुशोभित पत्रकारगणों का उचित बैठक व्यवस्था ना करके वह भी पहले मीटिंग मे उचित बैठक व्यवस्था का आश्वासन देकर पत्रकारो को अपमानित किया गया । प्रतिवर्ष यही समस्या रहती है इसी बात को लेकर नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया था जिसमे उनका कहना था कि आप चिंता बिलकुल भी ना करे यह हमारी जबावदारी बनती है । इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम शासकीय कन्या प्राथमिक शाला साँडिया रोड तय स्थल पर आयोजित किया गया ।
जब अन्य जगहो से कवरेज करने के पश्चात पत्रकारगण कार्यक्रम र-थल पहुंचे तो वहाँ का दृश्य देखने लायक था । सभी के बैठने की व्यवस्था थी केवल पत्रकारो को छोडकर । कुछ देर तो सभी एक दूसरे का मुंह ताकते रहे फिर मंचासीन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियो जिम्मेदार व्यक्तियो के द्वारा कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नही होते देख बहुत देर तक खडे रहने के बाद आखिर मे नीचे बैठना उचित समझा । कुछ पत्रकारो ने कहा चलो तत्काल वगैर कवरेज चलते है पर कुछ बुद्धिजीवी और वरिष्ठ पत्रकार जनो ने कहा कि नही ऐसा नही करते यही नीचे बैठकर ही कवरेज करेगे यह राष्ट्रीय महापर्व है और इन बच्चो की आखिर क्या गलती है यह भी तो नीचे बैठे है आज महापर्व के लिए हम भी इनके साथ बैठकर बच्चे बन जाते है ।
वही पर बैठ कर पत्रकारो ने बच्चो का उत्साहवर्धन किया कार्यक्रम का कवरेज किया ।इतने सब कुछ नाटकीय घटनाक्रम के बाद भी किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी, प्रतिनिधि ने यह नही कहा कि चलो आपके बैठक व्यवस्था बना देते है ।खैर कोई बात नहीं एक सच्चा पत्रकार का जमीर ही जमीन होता है ।
आज समाज का चौथा र-तंभ कहे जाने वाले पत्रकारो की बहुत दयनीय स्थिति है इनके आदर भाव मान मर्यादा को हर दूसरा आदमी ठेस पहुंचाने को तत्पर खडा है जिसमे अधिकारियो जनप्रतिनिधियों कर्मचारियों की तो बात ही निराली है? समाज के इस श्रेष्ठ र-तंभ का इन लोगो के मन मे ना ही कोई डर है ना ही कोई खौफ ।
अगर होता तो आज पत्रकार गण उपहास का मुद्दा ना बनता ।
बात बैठने या खडे रहने की नही है बात है मान सम्मान और र-वाभिमान की । वैसे भी बैठने का कहाँ समय मिलता है अधिकतर समय तो कवरेज मे निकल जाता है ।
अंत मे नगरपालिका सी. एम. ओ. का सभी पत्रकारो ने पुष्प गुच्छ से स्वागत करते हुये उनका आभार वयक्त किया कि आज राष्ट्रिय पर्व के पावन अवसर पर लोकतंत्र के चोथे स्तम्भ के अपमान के लिये पत्रकार जगत आपका ऋणी रहेगा ।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय महासचिव सैयद ख़ालिद कैस ने इस घटना की निंदा करते हुये इसे लोकत्रंत के चोथे स्तम्भ का अपमान और पत्रकारिता जगत का काला दिन निरूपित किया । इस सम्बन्ध में मप्र के मुख्य सचिव को अवगत कराते हुये दोषियों को दण्डित कियें जाने की मांग की गई ।
रिपोर्टर भगवान सिंह राजपूत के साथ पिपरिया ब्यूरो पंकज पाल ।
