आंध्र प्रदेश । दक्षिण भारत में भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) आंध्र प्रदेश की जरूरतों का केंद्रीय बजट में ध्यान नहीं रखे जाने से नाराज है, लेकिन पार्टी गठबंधन से बाहर होने का विकल्प नहीं चुनेगी। तेदेपा सूत्रों ने यह दावा किया।
सूत्रों ने बताया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी समन्वय समिति की आज यहां हुई एक बैठक में यह संकेत दिया। आंध्र प्रदेश से किए जा रहे नरेन्द्र मोदी नीत केंद्र सरकार के व्यवहार और बजट प्रस्तावों में राज्य के साथ हुए कथित अन्याय के इर्द गिर्द यह बैठक केंद्रित रही।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि तेदेपा नेताओं का पूरा मन है कि भाजपा के साथ गठबंधन से बाहर निकल जाया जाए। बैठक में क्या हुआ, इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं है लेकिन तेदेपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने ऑफ द रिकार्ड बताया कि कई जिला इकाई प्रमुखों सहित करीब – करीब हर व्यक्ति चाहता है कि तेदेपा बजट में राज्य की अनदेखी के बाद भाजपा से गठबंधन तोड़ दे।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि नायडू ने गठबंधन के भविष्य के बारे में बोलने और राजस्थान उपचुनाव नतीजों पर ध्यान केंद्रित करने से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संभवत: मना किया है।
नायडू ने केंद्रीय बजट पर कथित तौर पर गंभीर नाराजगी जताई है। उन्होंने हैरानगी जताई है कि केंद्र ने राज्य की अनदेखी क्यों की। एक सूत्र ने बताया कि नायडू ने बैठक में कहा कि बेंगलुरू, मुंबई और अहमदाबाद को विभिन्न परियोजनाओं के लिए अच्छी खासी राशि आवंटित की गई है लेकिन विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम मेट्रो रेल सहित हमारी किसी परियोजना को कुछ नहीं मिला।
