छतरपुर । मध्य प्रदेश महाराजपुर तहसील अंतर्गत आने वाले उर्मिल दाया बांध परियोजना का रोड नेशनल हाईवे सागर ,कानपुर रोड पर पड़ने वाला ग्राम उजरा से बरा डिगोनि स्टेट हाईवे छतरपुर लवकुश नगर पर मिलने वाली रोड तक जाने वाली नहर पंद्रह से पच्चीस किलोमीटर का रोड वेहद खराब स्थिति में है और यहा स्थिति पैदा हुई है।

शाम होते ही इनको रोड़ा से ट्रैक्टर से डंफर लोडिंग चालू हो जाते हैं उत्तर प्रदेश से लगे हुए होने के कारण बड़ी आसानी से रेत उत्तर प्रदेश भेजी जाती है और किसी बड़े अधिकारी की नजर भी नहीं पड़ती।नहर के आजू-बाजू के गांव में भारी मात्रा में रेत डंप पड़ी हुई है सूत्रों से मिली जानकारी तो यह भी है कि तहसीलदार की गाड़ी भी इन रेत के डंप और छोटी-छोटी नदियां के घाटों पर महीनों से देखी जा रही है जिसकी फोटो भी वायरल है।
बालू के डंफर और ट्रैक्टर ने रोड नहर के अस्तित्व को खतरा बने हुए हैं।
तहसीलदार एके जैन ने अपने ही गाड़ी के ड्राइवर की नियुक्ति कोटवार में नियम विरुद्ध कर दी जिसका फायदा बालू कार्यकर्ताओं ने बखूबी उठा रहे हैं और तहसीलदार भी आनंद ले रहे हैं। बालू डंप पर जाने उपरांत कुछ फोटो भी वायरल हुई जिसमें साफ तहसीलदार को देखा जा सकता है।महाराजपुर तहसील अंतर्गत दो थाने आते हैं। थाना गढ़ी मलहरा और महाराजपुर सूत्र से जानकारी तो ए भी है की खुलेआम बालू के डंफर एवं ट्रैक्टर चलते हैं जिनकी संख्या 400 तो कहीं 375 के लगभग है।

तहसीलदार ए के जैन ने अपने कार्यालय की गाड़ी के ड्राइवर को कोटवार नियुक्त कर दिया जो आदेश ऑफलाइन है अपने साथ काम के राजदार बनाए हुए हैं वही गढ़ी मलहरा थाना प्रभारी के यहां भी सरकारी ड्राइवर होने के बावजूद भी एक ड्राइवर सरकारी गाड़ी चलाता नजर आता है।
ऐसा नहीं कि राजनेताओं को इस मामले की जानकारी नहीं पर कार्यकर्ताओं को भी तो देखना ही है फिर वह कार्यकर्ता भले ही बालू कार्य करता क्यों ना हो।
@खेमराज चौरसिया
