दिग्विजय सिंह अपने मंसूबे में कामयाब रहे. गिरफ़्तारी के इस मुद्दे के जरिए वे वास्तव में अपनी ताकत दिखाने आए थे ।
भोपाल -राजधानी भोपाल में सीएम के कथित देशद्रोह वाले बयान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रैली की शक्ल में शक्ति प्रदर्शन किया. पूरी प्लानिंग के तहत आए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह महज दस मिनट में ही लौट गए।
दिग्विजय सिंह को पता था कि देशद्रोह वाले बयान पर जब टीटी नगर थाने में शिकायत नहीं हुई है और ना ही कोई एफआईआर दर्ज है. ऐसे में पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती. फिर भी पूरी प्लानिंग के तहत दिग्विजय सिंह ने शक्ति प्रदर्शन किया. पीसीसी से बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ रैली निकालकर वे अपैक्स बैंक तिराहे पर पहुंचे. पहले से बैरिकेड्स लगाकर बैठी पुलिस ने सिर्फ दिग्विजय सिंह, उनके बेटे जयवर्धन सहित पांच लोगों को टी टी नगर थाने तक जाने दिया. बाक़ी समर्थक बेरिकेड्स पर ही रोक दिए गए. कार्यकर्ता नारेबाज़ी करते रहे. इस दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई.
दिग्विजय सिंह ने थाने पहुंचकर गिरफ्तारी की बात कही, तो थाना प्रभारी ने उन्हें लिखित में जवाब थमा दिया. पुलिस का जवाब था कि शिकायत और अपराध पंजीबद्ध नहीं होने की वजह से दिग्विजय सिंह की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी. दिग्विजय सिंह ने ज़रूर सीएम के देशद्रोह मामले को कोर्ट में ले जाने की बात कही है।
दिग्विजय सिंह ने भी सीएम के बयान पर कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत पुलिस को दी है. पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामले की जांच का आश्वासन दिया है. चुनाव सिर पर हैं और दिग्विजय सिंह बार-बार प्रदेश की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं. हाईकमान का उनके इस शक्ति प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं था. यही वजह रही कि दिग्गज नेता उनकी इस रैली से दूर रहे.।

हंसी मज़ाक में दिग्गी राजा ने शिवराज की सांसें फूलादीं – शिवराज को इस बात का अंदाज़ा नही था कि उनके दिये बयान की आग से कॉंग्रेस कों और विशेषकर कॉंग्रेस के चाणक्य दिग्गी राजा को राजधानी में अपने समर्थकों के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन का मौका मिल जायेगा । दिग्गी राजा ने इस बहाने कों बखूबी भुनाया और एक बार और साबित कर दिया उस्ताद तो उस्ताद ही होता है।
