खेमराज चौरसिया (भोपाल)– शायद संबित पात्रा के दिन बुरे ही चल रहे हैँ , तभी एक के बाद एक आफते उसके सामने आ रही हैँ । कभी मीडिया चैनल की आँख का तारा रहा संबित पात्रा उर्फ मिस्टर बोल वचन को जबसे भाजपा ने प्रवक्ता पद से बेदख़ल किया है तब से वह अज्ञातवास में खो गया है ।
लाख भाजपा और मीडिया चैनल ने उससे दूरियां बना ली हूँ परंतु उसके बोलवचन के कर्म आज भी उसका साथ नही छोड़ रहे ।
गौरतलब हो कि मिस्टर बोल वचन और भाजपा के पूर्व प्रवक्ता संबित पात्रा इन दिनों अदालत के टारगेट में फंस गया है । मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में संबित पात्रा को पुलिस द्वारा आरोपी नही बनाए जाने पर सामाजिक कार्यकर्ता भुवनेश्वर मिश्रा की ओर से अधिवक्ता ने राजधानी भोपाल में मजिस्ट्रेट प्रकाश उईके की कोर्ट में परिवाद दायर किया था। जिसमें थाना एमपी नगर में दर्ज अपराध क्रमांक 773/2018 धारा 188 भादवि के प्रकरण में पूर्व नौकर शाह एसएस उप्पल सहित संबित पात्रा को अभियुक्त बनाया था ।
प्रकरण में पुलिस ने दिनांक 26/12/18 को संबित पात्रा सहित भाजपा के चुनाव प्रभारी एस॰एस॰उप्पल के विरुद्ध कोर्ट में पेश किया।CJM कोर्ट में 26/12/2018 को एसएस उप्पल ने अपनी ज़मानत ली , संबित पात्रा कोर्ट में हाज़िर नही हुआ जिस के विरुद्ध कोर्ट ने ज़मानती वारंट जारी किए I जिस पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए संबित पात्रा को गिरफ़्तार नहीं करने पर पत्र जारी कर शीघ्र कार्यवाही बाबत आदेशित किया।
भोपाल से सैयद ख़ालिद कैस के साथ खेमराज चौरसिया की रिपोर्ट
