जोबट – आदिवासी विकास परिषद के इस कार्यक्रम में पहुंच कर मन प्रसन्न हो गया, मे जहां से विगत कई वर्षों से सांसद हू वह क्षेत्र भी आदिवासी बाहूल्य है हम परिषद के बेनर तले वर्षों से आदिवासीयो के अधिकार के लड रहे है और लडते रहेंगे मे इस मंच के माध्यम से आप को विश्वास दिलाता हूँ की सरकार किसी की भी हो आदिवासीयो का अहीत नहीं होने दुगा!
उपरोक्त बातें जोबट के दशहरा मैदान पर धार झाबुआ बडवानी अलिराजपुर के सामुहिक प्रयास से हुए आदिवासी विकास परिषद के आदिवासी नेता कलम सिंह कलेश के नेतृत्व आयोजित संभाग स्तरीय आदिवासी विकास परिषद के कार्यक्रम मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मंडला के सांसद एवं आदिवासी विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते उपस्थित हजारों आदिवासीयो के बिच कहीं आगे उन्होंने कहा की आदिवासी विकास परिषद का गठन सत्तर के दशक में स्व इंदिरा गाँधी के प्रधान मंत्री होने के समय आदिवासी के अधिकारों की लड़ाई के लिये उड़ीसा के तात्कालिक सांसद कार्तीक उराव जी ने किया था तब से परिषद भिन्न भिन्न आदिवासी नेताओं के मार्गदर्शन आदिवासियों की लड़ाई में महत्वपुर्ण भुमिका निभा रही है समय पर भिन्न आदिवासी नेता परिषद के कार्य को आगे बढ़ाने का काम करते रहे हैं आपके यहां के भुतपुर्व सांसद स्व.दिलीप सिंह भूरिया जी परिषद के माध्यम से बहुत लड़ाई लड़ी है इसी के चलते केन्द्रीय सरकार आदिवासीयो की समस्याओ के समाधान के लिए भुरिया के नाम से भुरिया कमेटी का गठन किया था! में आपको यह भी बताना चाहता हूं की आदिवासी विकास परिषद आज देश के 22 राज्यो में कार्यरत है ।
इस अवसर पर अलिराजपुर के विधायक नागर सिंह चौहान ने अपनी चिर परीचीत शैली में बोलते हुए कहा की आज का मुद्दा बेरोजगारी है यह समस्या आज सारे विश्व में है मेरा नौजवानों से आग्रह है की ऐसे बेरोजगार जो उच्च शिक्षित नहीं है वे स्वरोजगार की योजना बनाये उन्हें शासन की और से हर संभव मदद मिलेगी ।
जोबट विधायक माधो सिंह डावर ने भी अपने बात कहते हुए कहा की मे जो कहना चाहता हूँ वह मेरे पहले के वक्ता कह चुके हैं और मैं उनकी बात का समर्थन करते हुए आपके साथ हूं ।
उदयगढ़ जनपद से आये हिन्दू वादी नेता कमरु भाई अजनार ने आदिवासीयो को हिन्दू धर्म से विमुख करने वालो पर प्रहार करते हुए कहा की आदिवासी पटेल तडवी पुजरा भाइयों कुछ लोग विदेशी ताकतों के हाथों खेलते हुए हमें हमारे हिन्दू धर्म से दुर कर रहे है अतः सावधान हो जाओ क्यो की अगर आदिवासी, आदिवासी नहीं रहेगे तो तुम कीसकी पटेल तडवई करोगे ? जब हमारा बाब देव नहीं होगा तो तुम कीसके पुजारा रहोगे ..? जो लोग हमको राम से दुर कर रहे हैं उसका बहीष्कार करो क्यो की जो हिन्दू धर्म का नहीं राम का नही वह किसी काम का नहीं ।
आदिवासी नेता मांगीलाल चोहान ने भी आदिवासी संस्कृति व हिन्दू धर्म बचाने हेतु आगे आने का आव्हान किया । कार्यक्रम में परिषद के जिलाध्यक्ष कलम सिंह कलेश एवं महेन्द्र सिंह मंडलोई ने मुख्य अतिथि फग्गन सिंह कुलेस्ते को आदिवासी संस्कृति का प्रतिक साफा बांध कर एवं आदिवासीयो की मुख्य पहचान तीर कमान भेंट कर सम्मान किया गया !छोटे स्तर पर किया गया कार्यक्रम इतना विशाल हो गया की मंच एवं पांडाल दोनों छोटे पड गये, मंच पर विधायक माधो सिंह डावर, नागर सिंह चौहान, वेल सिंह भूरिया, भुतपुर्व सांसद छतर सिह दरबार, मुकाम सिंह निगवाल, कुक्षी नगर पालिका अध्यक्ष मुकाम सिंह किराडे, परिषद के संभागीय अध्यक्ष नारायण सिंह भिंडे, जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह डामोर, (झाबुआ) राजाराम बडोले (बडवानी), श्री शायदा भिंडे (धार), कुक्षी तै. अध्यक्ष सत्यनारायण पटेल, केरमसिह गाडरिया, जोगडा भाई भुरिया, हरेसिह जमरा, जिला पंचायत सदस्य इंदर सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिता चौहान, कमरु अजनार,तथा भिन्न भिन्न संगठनों अध्यक्ष इत्यादि उपस्थिति थे ! कार्यक्रम में आये मुख्य अतिथि सांसद एवं आदिवासी विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते को जिलाध्यक्ष कलम सिंह कलेश ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री जी नाम सोप कर समस्याओ के समाधान के लिए सार्थक पहल का अनुरोध किया ज्ञापन के अनुसार आंदोलन कर रहे संवीदा अतिथि रोजगार सहायको को स्थाई,आशा-आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का वेतन 15 हजार रुपये करने,ग्रामिण क्षेत्रों महत्वपुर्ण भुमिका निभाने वाले पटेल तडवी चोकीदार पुजारे को भी 10 हजार वेतन दिये जाने तथा चुने हुए प्रतिनिधि जैसे सरपंच सदस्य अध्यक्ष इत्यादि को भी 20 हजार रुपये मासिक सम्मान जनक वेतन तथा कार्यकाल समाप्त होने के बाद विधायक सांसद की तरह आजीवन पेंशन दी जाये,शासन के कर्मचारीयो तथा पेंशननरो की समस्या का समाधान किया जावे व बूजुर्ग पेंशननरो को सातवें वेतन आयोग के निर्देशानुशार लाभ दिया जाये , प्राक्रतीक आपदाओं के कारण कर्ज में डूबे किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किये जाये, साथ ही आजादी की लड़ाई में महत्वपुर्ण भुमिका निभाने वाले आदिवासी विरो को अन्य की तरह शहीद का दर्जा देते हुए शहीदी दिवस पर अवकाश घोषित करते हुए शासन स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किये जाये !
अतः कार्यक्रमके आयोजक आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष कलम सिंह कलेश ने कहा की यह शुरुआत है मे बेरोजगारो किसानों संवीदा,अतिथि,रोजगार सहायको आशा आंगनवाडी कार्यकर्ताओं पटेल तडवी चोकीदार चुने हुए जन प्रतिनिधी जैसे सरपंच, सदस्य इत्यादि की लड़ाई लडता रहुगा बस आपका साथ चाहीये।
आदिवासी विकास परिषद के जिलाउपाध्क्ष केरम सिंह गाडरिया ने अतीथियो का स्वागत किया संभागीय अध्यक्ष नारायण सिंह भिंडे ने आये हुए अतिथियो तथा जनता का भरपूर आभार व्यक्त किया ।

कार्यक्रम प्रारंभ आजादी की लड़ाई में महत्वपुर्ण भुमिका निभाते हुए शहीद हुए टंटीया मामा के चित्र का पुजन एवं पुष्प हार समर्पित के साथ हुआ इस के बाद धार झाबुआ बडवानी से आये हुए परिषद पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में पधारे कुलेस्ते का पुरजोर स्वागत किया ।
दिनेश उपाध्याय जोबट जिला अलिराजपुर मध्यप्रदेश
