आकाश उपाध्याय जोबट
जोबट । पत्थर फलदार पेड़ पर ही बरसते है यह इन दिनों देखने में आ रहा है …? भाजपा की सरकार के रहते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हर वर्ग को इतना दिया ….. जीतना एक फलदार पेड़ देता है यही कारण है कि आज जनता की उम्मीदें इतनी बड़ गई है की हर तरफ आंदोलन की गुंज सुनाई दे रही हैं! चुनावी वर्ष होने के कारण हर कोई संगठन अपनी जाईज ना-जाईज मांगो को लेकर सड़क से संसद तक आंदोलन की राह अपना चुका है प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी हर किसी संगठन के साथ चर्चा कर समस्या के समाधान की बात कह रहे है! मगर लगता है की विगत एक दशक से भरपूर फल देने वाले फलदार पेड़ पर तब तक आंदोलन रुपी पत्थर बरसते रहेंगे जब तक यह पेड़ पुरी तरह लहूलुहान हो कर खत्म नहीं हो जाता …? इसके साथ ही आन्दोलनकारीयो को 15 साल पिछे भी जा कर कांग्रेस और दिग्विजय सिंह जी की सरकार को याद करना होगा जब उन्होंने साफ साफ खुले मंचों से कह दिया था की कुछ नहीं मिलेगा और मुझे तुम्हारे वोटों की आवश्यकता नहीं है …
और जन समुदाय के साथ इन्ही आंदोलनरत कर्मचारीयों ने कांग्रेस के दस वर्ष के शासन को उखाड़ फेंका था! वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इतने आंदोलन तथा हाय हाय के नारो के बाद भी शांत है इसका मतलब साफ है की आंदोलन कारीयो के पक्ष मे कुछ संक्रात्मक पहल पर विचार चल रहा है तथा शिघ्र ही आंदोलनरत कर्मचारीयों के लिये कोई अच्छी खबर आ सकती हैं! फिलहाल
आंदोलनों एवं ज्ञापनो का दौर जारी है इसी के चलते आज पेंशनर संघ ने अपनी छै सुत्रीय मांग को लेकर अनुविभागीय अधिकारी जोबट को एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम दिया है जिसमें सातवें वेतन की अनुशंसा का पुर्ण लाभ,लम्बीत डीए का 19 माह का एरीयर्स, छठे वेतनमान का 32 माह का एरीयर्स तुरंत भुगतान के आदेश,स्वास्थ सेवा में सरलीकरण,पेंशनर अथवा पत्नी की मृत्यु पर वांछित लाभ इत्यादि का जीक्र किया गया है! इसी प्रकार अपनी लम्बीत मांगो को लेकर न्यु बहुउद्शीय स्वास्थ कर्मचारी संघ ब्लाक जोबट के तत्वावधान में
में आंदोलन कर रहे कर्मचारी भारी मात्रा मे दिनांक 28 फरवरी को भोपाल पहुंचेगे ब्लाक अध्यक्ष श्री मती उषा उपाध्याय ने बताया की, संघ विगत 4 वर्षों से अपनी मांगो को लेकर आग्रह करता आ रहा है मगर अभी तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं दिया गया अतः मजबूरी में न चाहते हुए भी संघ को आंदोलन का सहारा लेना पढ रहा है! आगे श्री मती उषा उपाध्याय ने बताया की संघ की 12 सुत्रीय मांग को लेकर भोपाल में प्रदेश के कोने कोने से हजारों स्वास्थ कर्मचारी पहुंचेगे!संघ की मांग है की वर्तमान में कर्मचारीयो के जो नाम प्रचलन में है उन्हें परिवर्तित किया जाये,वेतन विसंगती दुर की जाये,अपने सेवाकाल के दौरान तीन पदोन्नति अवश्य दी जाये,इसके अलावा चोधरी एवं वोरा वेतनमान में कमीया है उन्हें दुर किये जाने के साथ ही ड्रेस अलाउन्स बढ़ाने,जोखिम भत्ता वेतन में मर्ज कर भुगतान किए जाने इत्यादि की माँग को लेकर मुख्यमंत्री जी से चर्चा होगी! ध्यान रहे की न्यू बहुउद्देशीय स्वास्थ कर्मचारी संघ अपनी मांगो को लेकर विगत 4 – 5 वर्षों से आंदोलन कर रहा है मगर शासन की और से केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला इस लिये इस बार संघ आर पार की लड़ाई के मुड़ में है । इसी प्रकार मप्र सहकारी संस्थाओं के कर्मचारी महासंघ ने भी बिते दिनों अपनी लम्बीत मांगो को लेकर मुख्यमंत्री जी के नाम एक ज्ञापन मार्केटिंग सोसायटी खट्टाली के पुर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता कलम सिंह कलेश को देते हुए समस्या के समाधान हेतु मुख्यमंत्री की और प्रेषित करने का आग्रह किया है ।
ज्ञापन एवं आंदोलन से हट कर मप्र सरकार पर एमपीपीएससी में धांधली के आरोप भी लग रहें है
एमपीपीएससी के छात्र राज राठौड एवं विभुती धाकरे ने मध्यप्रदेश महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन प्रेषीत कर गलत प्रश्नों के प्रती असंतोष जताते हुए सारे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कार्यप्रणाली तथा विश्वनीयता पर सवाल उठाए हैं ।
