भोपाल/जबलपुर – आज स्टेट बार कौंसिल मप्र के अध्यक्ष ने ऐतिहासिक फैसले मे पूर्व सांसद , वरिष्ठ कॉँग्रेस नेता , पूर्व अध्यक्ष एवम वर्तमान सदस्य स्टेट बार कौंसिल मप्र रामेश्वर नीखरा को कौंसिल की सदस्यता से अयोग्य करार कर दिया है ।
बार कौंसिल अध्यक्ष शिवेंद्र उपाध्याय की अध्य़क्षता मे सम्पन्न बैठक मे उपस्तिथ सद्स्यो ने आज यह फैसला लिया ।
श्री उपाध्याय के अनुसार वरिष्ठ सदस्य श्री नीखरा बिना किसी सूचना के कौंसिल की बैठको मे निरंतर अनुपस्थित रहे हैं , नियम अनुसार कौंसिल की 03 बैठको मे बिना किसी समूचित कारण के अनुपस्थित रहने वाले सदस्य को अयोग्य करार दिया जाने का प्रावधान है , इसी कारण श्री नीखरा को अयोग्य करार दिया है ।
नीखरा नर्मदा यात्रा मे दिग्गी राजा के सारथी बने विगत कई माह से वनवास मे हैं , दिग्गी राजा की भाँति रामेश्वर नीखरा भी सक्रिय राजनीति से दूर हैं ।
श्री नीखरा स्टेट बार कौंसिल के निरंतर 24वर्ष निर्विवाद अध्यक्ष रहे हैं । प्रदेश मे भाजपा की सरकार आने के बाद से ही कौंसिल मे भी उठापठक उसी का परिणाम है । श्री नीखरा के खिलाफ माहौल होने पर उनके अध्यक्ष पद से विदाई के बाद शिवेंद्र उपाध्याय उनके सहयोग से उनके उत्तराधिकारी बनकर स्टेट बार कौंसिल के अध्यक्ष चुने गये । तथा 3-4 साल मे तीन बार अध्यक्ष बदलने के माहौल मेँ श्री उपाध्याय तीसरी बार अध्यक्ष पद पर विराजे ।
कौलारस और मुँगावली विधानसभा उपचुनाव से एक दिन पहले श्री रामेश्वर नीखरा को अयोग्य करार देने का फैसला राजनैतिक साजिश से कम नही । शिवराज सरकार विधनसभा उपचुनाव हारने के पूर्वग्रह से विचलित है जिसका स्टेट बार कौंसिल के आज के फैसले के रूप मे नज़र आ रहा है
खालिद कैस प्रदेश मँत्री मप्र कॉँग्रेस कमेटी (विधि एवम मानव अधिकार विभाग )
