मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में 200 करोड़ से अधिक का व्यवसाय हुआ चौपट

छतरपुर। बुंदेलखंड का दुनिया भर में मशहूर देशी पान अब लोगों को आसानी से नहीं मिलेगा । इस बार ठंड और बेमौसम बारिश और ओलों ने बुंदेलखंड के जिलों में होने वाली देशी पान की फसल को तबाह कर दिया है । बुन्देलखण्ड में लगभग 12 सौ हेक्टर में होने वाली पान की खेती 80% से अधिक नष्ट हो चुकी है , जिसमें लगभग 500 करोड़ से अधिक का नुकसान की बात सामने आई है ।अकेले छतरपुर जिले में ही 2सौ करोड़ की पान फसल नष्ट हुई है । देसी पान ही एक तोल के बिकने वाला प्रजाति का पान है। दूसरी पान की प्रजाति गिनती से बिक्री होती है बुंदेलखंड क्षेत्र में इसी देसी महोबिया पान की खेती अधिकता से होती है।
बुंदेलखंड का सबसे अधिक पान इस्लामिक कंट्रीओं के साथ पाकिस्तान सबसे ज्यादा सप्लाई होता था जो अब पाकिस्तान सप्लाई नहीं होगा क्योंकि ठंड पाला ओले के चलते पान काला धब्बेदार हो चुका है, जिस कारण बुंदेलखंड का पान पाकिस्तानियों की होठों की लाली नहीं बनेगा।

