पुलिस का कहर… प्रताड़ना से तंग आकर पत्रकार ने खाया जहर, वीडियो जारी कर टीआई को बताया मौत का जिम्मेदार
भोपाल (सैयद रिजवान अली )
देशभक्ति का नारा देने वाली पुलिस आमजन के लिए किस तरह कहर बनकर पेश आ रही है, इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि एक थाना प्रभारी की प्रताड़ना से तंग आकर पत्रकार ने जहर खाकर जान देने की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। जहर खाने से पहले पत्रकार द्वारा वायरल वीडियो में अपनी मौत का जिम्मेदार पुलिस को बताया है।
मामला धार जिले के मनावर तहसील मुख्यालय का है। यहां एक निजी न्यूज चैनल के लिए रिपोर्टिंग करने वाले एक पत्रकार मयंक साधु ने शुक्रवार देर शाम एक वीडियो वायरल किया। जिसमें उसने जहर की पुड़िया हाथ में थामे हुए आरोप लगाया है कि मनावर थाना प्रभारी बृजेश मालवीय द्वारा उसको लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। क्षेत्र में चल रहे जुआ और सट्टा की खबरों को लेकर नाराज थाना प्रभारी मालवीय ने पत्रकार मयंक पर कई झूठे मामले दर्ज कर दिए हैं। इसके बाद भी उससे पांच लाख रुपए की मांग की जा रही है। रुपया न देने पर मयंक के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है।
अस्पताल में चल रहा इलाज
जहर खाने से गंभीर बीमार हुए मयंक साधु को मनावर के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
सट्टे की बड़ी मंडी मनावर
मनावर तहसील मुख्यालय के अलावा आसपास के कई गांवों में जमकर सट्टा और जुआ कारोबार चलता है। लंबे अरसे से जारी इस गोरखधंधे के वृहद रूप का आलम ये है कि यहां इंदौर, धार और आसपास के जिलों तक से लोग जुआ सट्टा खेलने के लिए पहुंचते हैं। इधर ये बात भी प्रचलित है कि यहां होने वाले अवैध कारोबार को पुलिस का पूरी तरह संरक्षण प्राप्त है।
पत्रकारों में रोष, मालवीय ने बंद किया मोबाइल
थाना प्रभारी की प्रताड़ना से तंग आकर पत्रकार द्वारा जहर खाने की घटना से क्षेत्रीय पत्रकारों में रोष व्याप्त है। इस घटना को लेकर शनिवार को पत्रकार उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देने वाले हैं। इधर मामले के बाद थाना प्रभारी, मनावर बृजेश मालवीय ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है।
प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने की कठोर कार्यवाही की मांग
संगठन के अध्यक्ष सैयद खालिद कैस ने शिवराज सरकार पर पत्रकारों को प्रताड़ित करने वालों को संरक्षण का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन लगातार पत्रकारों को प्रताड़ित कर रहा है,उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज हो रहें हैं मगर प्रदेश सरकार लाखों याचनाओ के बावजूद प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं कर रही। धार मनावर की घटना ने साबित कर दिया कि पत्रकार बिरादरी भय और आतंक के बीच अपने कार्य अंजाम दे रही है। घटना पर तत्काल ध्यान आकर्षित करते हुए प्रदेश के मुखिया को कठोर कदम उठाने होने।
