भोपाल। राजधानी की एक अदालत ने रातीबढ़ थाना इलाके के एक फ ार्म हाउस में दो नाबालिग सगी बहनों का अपहरण कर उनके साथ बलात्कार और छेड़छाड़ के मामले के आरोपी इरफान उर्फ इमरान को दोषी ठहराते हुए उसे सात वर्ष के सश्रम कारावास और 19 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले के सहआरोपी शमीम को अपहरण और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और साढ़े पांच हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने शमीम को छेड़छाड़ और बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश ( पास्को एक्ट ) सविता दुबे की अदालत ने बुधवार को सुनाया है। प्रकरण में पीडि़त बहनों की ओर से अधिवक्ता यावर खान ने पैरवी की। अभियोजन के अनुसार पीडि़ताओं ने आरोपियों पर 31 दिसंबर 2015 की रात को रातीबढ़ थाना इलाके के एक फ ार्म हाउस में ले जाकर उनके साथ छेड़छाड़ करने और बलात्कार करने के आरोप लगाए थे।
गौरतलब है कि पीडि़त बहनों ने तत्कालीन थाना प्रभारी पर आरोपियों को संरक्षण देने और कमजोर विवेचना किए जाने के आरोप लगाए थे। पुलिस प्रशासन के आला अफ सरों ने तत्कालीन थाना प्रभारी को हटाकर उनके स्थान पर एक महिला निरीक्षक को थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ किया था। महिला थाना प्रभारी ने मामले के विवेचक को हटाकर प्रकरण की विवेचना स्वंय करते हुए 10 फ रवरी 2016 को अदालत में चालान पेश किया था। 17 फ रवरी 2016 को
अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। 17 मार्च 2016 को अदालत में गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की शुरुआत हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। आरोपी तभी से जेल में बंद हैं।
पीडि़त बहनों के अधिवक्ता यावर खान ने बताया कि वो जिला अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वो जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगें।
