नरसिंहपुर -अपनी असफलताओं और मीडिया में छपी खबरों से बौखलाए नरसिंहपुर के कलेक्टर अभय वर्मा अब जनरल डायर की तर्ज पर मीडिया की आवाज को कुचलने पर आमादा हो गए हैं और अपने अधीनस्थ विभागों की मदद से मीडिया के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज कराने का षड्यंत्र रचने लगे हैं ।
ताजा मामला नरसिंहपुर जिले में गन्ना किसानों के आंदोलन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायकों के प्रदर्शन का है इन दोनों ही मामलों में मीडिया ने हमेशा की तरह पीड़ित पक्ष का साथ दिया और कलेक्टर की असफलता को उजागर किया जिससे कलेक्टर अभय वर्मा इस कदर बौखला गए कि उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को इस अभियान में लगा दिया कि वह पत्रकारों के खिलाफ झूठी शिकायत करें ,और हम SDM के माध्यम से उन पर मामला दर्ज कराएंगे ।जिले के दो पत्रकार दीपक श्रीवास्तव और अंशुल व्यवहार ने गन्ना किसानों के आंदोलन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन को प्रमुखता से प्रकाशित किया जिसकी वजह से ये कलेक्टर के टारगेट पर आ गए गन्ना किसानों को जिले में सही रेट नहीं मिल रहा था और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिला कार्यक्रम अधिकारी और सुपरवाइजरों द्वारा नौकरी से हटाने की धमकी दी जा रही थी, इसमें खास बात यह भी है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फोन किए जा रहे थे वह कलेक्टर के नाम ,पर जिला सशक्तिकरण अधिकारी महिला सशक्तिकरण अधिकारी अरुण सिंह द्वारा किए गए थे जिसकी शिकायत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने sp से की शिकायत में जांच चल रही है। इस मामले को दीपक श्रीवास्तव और अंशुल कुमार ने मीडिया के माध्यम से जमकर उछाल जिसे कलेक्टर पचा नहीं पाए और उसके बाद उन्होंने महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजरों की ओर से एक ज्ञापन कलेक्टर के नाम पर दिलवाया , और जांच शुरु करा दि ,यह जांच दीपक श्रीवास्तव और अंशुल बिहार के खिलाफ की जा रही है जिसमें sdm को निर्देशित किया गया है कि इन दोनों पत्रकारों के खिलाफ जांच कर प्रकरण दर्ज किया जाए कलेक्टर की गंदी हरकत से यह मीडिया में जबरदस्त आक्रोश है। नवागत कलेक्टर अभय वर्मा के एक नहीं कई कारनामे है पिछले दिनों बच्चादानी ऑपरेशन कांड की जांच जो अपर कलेक्टर को सौंपी गई थी और अपर कलेक्टर समिति के अध्यक्ष थे वह जांच रिपोर्ट उन्होंने बिना अपर कलेक्टर की अनुशंसा के सीधे अपने पास मंगा ली और शासन को भेज दिया गया है । जांच रिपोर्ट में 5000000 रुपए का खेल किया गया है ,जिस तरह से नरसिंहपुर में दीपक श्रीवास्तव और अंशुल के खिलाफ कलेक्टर षड्यंत्र रच रहे हैं उसे एक बात तो साफ़ है ,कि यह कलेक्टर के पद के लायक नहीं है और मीडिया की आवाज को दबाना चाहते हैं मीडिया ने भी यहां तय कर लिया है ईस जिले में अभय वर्मा कलेक्टर रहेगा तो नियम के अनुसार ही चलेगा ,अगर मीडिया पर हमला करने की कोशिश की तो कलेक्टर नहीं रहेगा।
इस मामले में एक और खास बात यह भी है कि पूरे प्रकरण में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पूरे प्रकरण में Admको ही कलेक्टर ने फरियादी बना दिया है और admसे एक आवेदन लेकर एसडीएम को जांच के लिए सौंप दिया है इस मामले की जिले में खासी चर्चा है और लोग कह रहे हैं की नरसिंहपुर में अब जनरल डायर का शासन आ चुका है वह दिन दूर नहीं कि जब कलेक्टर अभय वर्मा इस जिले से मीडिया को ही खत्म कर देंगे
ABPSS ने की तीखी निंदा-
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे लोकतन्त्र के चोथे स्तम्भ पर हमला निरुपित किया ,समिति के राष्ट्रिय महासचिव सैयद खालिद कैस ने मुख्य मंत्री से इस और ध्यानाकर्षित करते हुए कलेक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक करवाई की मांग की
